"योग एवं भक्ति" श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार जी महाराज द्वारा लिखित एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है
तर्पण और पिंडदान की पूरी प्रक्रिया विस्तार से दी गई है। विशेष रूप से जो लोग आश्विन मास या पितृ पक्ष में गया श्राद्ध करना चाहते हैं
संयम और आध्यात्मिक उन्नति के मार्ग को अपनाना चाहते हैं। गीता प्रेस की यह कृति गहन आध्यात्मिक ज्ञान से युक्त है और नित्य जीवन में इसके अनुशीलन से आत्मकल्याण संभव है।
गीता प्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित एक अत्यंत लोकप्रिय और शिक्षाप्रद धार्मिक पुस्तक है। यह पुस्तक भगवान श्री कृष्ण के जीवन की प्रमुख लीलाओं का संक्षिप्त और सरल रूप में वर्णन करती है। संक्षिप्त कृष्णलीला में भगवान श्री कृष्ण के प्राकट्य से लेकर उनके परमधाम-गमन तक की प्रमुख लीलाओं को सत्रह शीर्षकों में समायोजित किया गया है। प्रत्येक लीला के साथ संबंधित आकर्षक रंगीन चित्र भी दिए गए हैं
जीवन का उद्देश्य: पुस्तक में जीवन के वास्तविक उद्देश्य की पहचान और उसे प्राप्त करने के उपायों पर चर्चा की गई है।
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